राहुल_गाँधी_का_RSS_पर_निशाना

आज काँग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उसे राजनीती का पप्पू क्यों कहा जाता है !!
      राहुल गाँधी ने आज मेघालय की एक चुनावी सभा कहा कि गाँधी जी के आगे पीछे आस पास महिलाएं होती थी जबकि RSS प्रमुख मोहन भागवत अकेले ही दिखाई देते हैं, क्योंकि RSS में महिलाओं की भागीदारी नहीं है।
      कुछ ऐसा ही बचकाना सवाल राहुल गाँधी ने गुजरात चुनाव में भी उठाया था कि RSS में महिलाये शॉर्ट्स क्यों नहीं पहनती और पुरुषों के साथ शाखा क्यों नहीं जाती ?
      इस सवाल के जवाब में RSS के वरिष्ठ सदस्य मनमोहन वैद्य जी ने साफ किया कि प्रातः जल्दी पुरुषों के साथ महिलाओं का शाखा में आ पाना सहज नहीं है और महिला शाखा के लिए संघ का आनुषांगिक संगठन "राष्ट्र सेविका समिति" काम करता है। सेविका समिति की ओर से प्रतिदिन दोपहर में शाखाओं का आयोजन होता है और कुछ स्थानों में सप्ताह में तीन दिन शाखा लगती है।
      मोहन भागवत जी के साथ महिलाओं का ना दिखना संघ की अपनी मर्यादा और संस्कार हैं और जनाब राहुल गाँधी संघ तुम्हारे खानदान या नेहरू गाँधी के चरित्र का ही अनुसरण करे, ऐसा जरूरी नहीं है। वो भी तब, जबकि नेहरू और लेडी माउन्टबेटन की "महिला पुरुष राजनीती" को सारी दुनिया जानती है और जो नहीं जानते, वो कभी भी इनके सम्बन्धो पर गूगल सर्च के जरिये जान सकते हैं।
       अब बात करें गाँधी जी कि तो उन के बारे में ब्रिटिश लेखक जेड एडम्स शेड्स ने अपनी किताब "गाँधी : नेकेड एम्बिशन" में गाँधी की महिला राजनीती के बारे में विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला है। जैड एडम्स शेड्स का दावा है कि उन्होंने बापू के सैकड़ों ख़तों की छानबीन के बाद इस किताब को लिखा है और खास बात यह कि काँग्रेस ने इस किताब पर कभी विरोध प्रकट नहीं किया अर्थात काँग्रेस भी यही मानती है कि किताब में जो लिखा है, वो ही सच है और अगर जनाब राहुल गाँधी तुम RSS प्रमुख मोहन भागवत जी से या संघ के किसी भी कार्यकर्ता से महिलाओं के सम्बन्ध में ऐसी ओछी राजनीती की अपेक्षा करते हो तो ये कदापी नहीं हो सकता।
      खैर अंत में यही कहना चाहूँगा कि काँग्रेस द्वारा राहुल को पार्टी का अध्यक्ष बना देने से वो परिपक्व हो गया और हिन्दुस्तान की जनता उसे प्रधानमन्त्री बना देगी तो यह काँग्रेस की बहुत बड़ी गलतफहमी होगी और ऐसे अनर्गल बयानो से राहुल का मानसिक दिवालिया पन ही दिखता है।
जयहिन्द !!
वन्देमातरम !!